कोरोना वायरस आखिर कब जायेगा ?

 कोरोना वायरस आखिर कब जायेगा ?

        

                 कोरोना वाइरस संक्रमण ने पूरी दुनिया को घेर लिया था ओर इसका असर हमारे देश पर भी बहुत ही बुरी तरह से पड़ा ! इस महामारी ने पुरे देश को बरबाद  किया, इस महामारी की वजह से किसी की जान चली गयी तो किसी  के सर से माँ बाप की छाया, किसी की नौकरी चली गयी तो किसी को खाने का मोताज़ कर दिया इस महामारी ने ! आज भी इस महामारी का खतरा हमारे देश पर मंडरा रहा है ओर हम सबके मन में यही साल है की आखिर कब जाएगी ये कोरोना महामारी, कब मिलेगा इससे छुटकारा ओर  हमारी जिंदगी फिर से पटरी पर लौट आएगी ?



दरअसल, कोरोना 2.0 आने के बाद से लोग बेहद परेशान हैं. लोग बात कर रहे हैं कि ये महामारी तो जाने का नाम ही नहीं ले रही. सोशल मीडिया भी इससे अछूता नहीं है.

कई लोग सोशल मीडिया पर फनी जोक्स, मीम्स शेयर कर रहे हैं. और बता रहे हैं कि कोरोना भारत से कब जाएगा.

दुनियाभर में कोरोना वायरस महामारी की वजह से १५ करोड़ से अधिक लोग संक्रमित हो चुके है. भारत समेत कई मुल्को में संक्रमण की दूसरी ओर तीसरी लहर  देखने को मिल रही है।  ऐसे में अब IMF के प्रस्ताव की दुनियाभर में चर्चा हो रही है 



देश में कोरोना महामारी की दूसरी लहर इस समय अपने चरम पर है। 2020 में जब रोजाना मिल रहे एक लाख संक्रमित मरीजों की संख्या से लोग भयभीत हो गए थे। वहीं 2021 में कोरोना की दूसरी लहर में यह संख्या तीन लाख को पार कर चुकी है। डॉक्टरों की माने तो लोग अग लापरवाह बने रहें तो मई में मरीजों की संख्या और भी तेजी से बढ़ सकती है।

पटना एम्स के सुपरिटेंडेंट डॉ सी एम सिंह ने कहा कि अगर लोग सचेत हो जाएं तो एक महीने में ही कोरोना को हराया जा सकता है। उन्होंने कहा कि लोगों को बस चार बातों का ख्याल रखना है। वे जब भी बाहर निकले तो मास्क जरूर लगाएं और किसी भी परिस्थिति में घर से बाहर मास्क को न हटाए न उतारे। दूसरी बात यह कि लोग सोशल डिस्टेंसिंग का कड़ाई से पालन करें और घर से बाहर रहने पर हर 10 से 15 मिनट पर अपने हाथ को सेनेटाइज करते रहे। और चौथी अहम बात यह कि बिना किसी जरूरी काम से वह घर से बाहर ही ना निकले। उन्होंने कहा कि यह चार काम कर लोग न सिर्फ अपना और अपने परिवार का बल्कि समाज की भी रक्षा करेंगे।



जिस रफ्तार से कोरोना पेशेंट की संख्या बढ़ रही है। उसे देख लोगों में यह डर बैठ गया है कि कल की तारीख है उन्हें अस्पताल में जगह मिलेगी या नहीं इसी डर से ए- सिंप्टोमेटिक वाले पेशेंट भी अस्पताल में भर्ती हो जा रहे हैं। यही वजह है कि अस्पतालों में गंभीर कोरोना पेशेंट के लिए बेड उपलब्ध नहीं हो पा रहे। उन्होंने कहा की लोगों को यह भी ध्यान रखना चाहिए कि सभी काम सरकार नहीं कर सकती। कुछ जिम्मेदारी लोगों की भी बनती है कि वह परिस्थिति को देखते हुए बिना कारण घर से निकलना बंद करें।




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